भावुक होकर प्रियंका गांधी ने इस महिला को लगा लिया गले

भावुक होकर प्रियंका गांधी ने इस महिला को लगा लिया गले, लोग रह गए हैरान

नई दिल्ली। प्रियंका गांधी की भावुक होकर गले लगने वाली एक तस्वीर ने मीडिया में बवाल मचा दिया है। इस तस्वीर के बारे में प्रियंका गांधी ने जो जानकारी शेयर की, इसके बाद तो ट्वीटर पर यह तस्वीर ट्रेंड करने लगी। प्रियंका गांधी इस तस्वीर में एक महिला को बांह भर के गले लगा रहे हैं। इनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी खड़े हैं। प्रियंका ने जब इस तस्वीर के बारे में लोगों को बताया तो लोग हैरत में रह गए।

दरअसल बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना वाजेद इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। अपने व्यस्त कार्यक्रम के दौरान वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के नेता आनन्द शर्मा से मिलने सोनिया गांधी के निवास पर पहुँची। भेंट के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री को बाहर तक छोड़ने आईं। इस दौरान जाते जाते दोनों नेता एक दूसरे के गले लग गए। क़रीब एक मिनट तक दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाए रखा। बाद में प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके बताया। प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि यह गले लगाना मेरा ‘बकाया’ था। प्रियंका ने लिखा मैंने इस बकाया गले मिलने का लम्बा इंतज़ार किया है। उन्होंने (शेख हसीना) निजी नुकसान और मुश्किलों के बावजूद मज़बूती से संघर्ष किया। यह मेरे लिए भी प्रेरणा की बात है। प्रियंका गाँधी का आशय शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के नेता शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या की ओर था। उनके पिता को 15 अगस्त 1974 को मार डाला गया था और उस समय शेख हसीना जर्मनी में थीं। बाद में देश की आज़ादी के बाद शेख़ हसीना ने अवामी लीग पार्टी का गठन किया। वह दिसम्बर 2018 में चुनाव जीतकर लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनी हैं और देश में सबसे लम्बे समय तक शासन करने वाली प्रधानमंत्री बन गई हैं। शेख हसीना के बहाने शायद प्रियंका गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी की हत्या और उसके बाद परिवार की संघर्ष को याद करते हुए शेख हसीना को गले लगा लिया।

मुस्लिम लिंचिंग के मक़सद का सबसे बड़ा खुलासा कर दिया इस दलित पत्रकार ने

मुस्लिम लिंचिंग के मक़सद का सबसे बड़ा खुलासा कर दिया इस दलित पत्रकार ने

नई दिल्ली। देश में मुसलमानों की स्थिति पर कई प्रकार के विश्लेषण देखने को मिलते हैं लेकिन एक दलित पत्रकार ने इसकी जो वजह बताई है, वह वाकई चौंकाने वाली है। मुसलमानों की स्थिति पर यह अब तक का सबसे सटीक विश्लेषण बताया जा रहा है।

पत्रकार संकेत विद्रोही, सोशल मीडिया पर चर्चित चैनल एमएनटीवी के सम्पादक हैं। उन्होंने फेसबुक पर जारी एक वीडियो में दावा किया कि भारत में महात्मा बुद्ध के बाद समानता का सबसे बड़ा संदेश इस्लाम ने दिया है। इससे प्रभावित होकर भारतीयों ने इस्लाम को स्वीकार करना शुरू कर दिया। इस स्थिति को ब्राह्मणवाद ने स्वीकार नहीं किया। यह ब्राह्मणवाद की जड़ों को कमज़ोर करने वाला था। संकेत का दावा है कि इस्लाम की समानता के भाव से ब्राह्मणवाद को भारी क्षति पहुंची है और इसी को दबाने के लिए मुसलमानों को दबाया जा रहा है। संकेत विद्रोही का दावा है कि मुसलमान को मारने पीटने का वीडियो बनाने और टारगेट करने का उद्देश्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग में हिन्दुत्व का भाव जगाकर उनसे राजनीति करना है। इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बहुत कोशिश के बाद भी देश में साम्प्रदायिक माहौल नहीं बन रहा है। इसलिए पुराना पैंतरा आजमाया जा रहा है। बीजेपी चाहती है कि साम्प्रदायिक माहौल में मुसलमान को टारगेट करने के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को हिन्दू बनाना आसान हो जाता है।

संकेत विद्रोही का यह बयान एक वीडियो के रूप में देश भर में वायरल हो रहा है। उन्होंने मुसलमानों के राजनीतिक स्थिति को लेकर जो वीडियो बनाया है, उसे भारी सराहना मिल रही है।

सुन्नी दावते इस्लामी का प्रादेशिक इज्तिमा यानी महासम्मेलन 13 अक्टूबर को जयपुर में होगा।

सुन्नी दावते इस्लामी का महासम्मेलन 13 अक्टूबर को जयपुर में- सैयद मुहम्मद क़ादरी

जयपुर। सुन्नी दावते इस्लामी यानी एसडीआई का वार्षिक सम्मेलन यानी सालाना इज्तेमा शहर के कर्बला मैदान में इस रविवार 13 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियाँ अंतिम दौर में हैं और राजस्थान के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी सुन्नी मुसलमानों की भारी मात्रा में शिरकत की उम्मीद है।

सुन्नी दावते इस्लामी के जयपुर प्रभारी सैयद मुहम्मद क़ादरी ने यहाँ पत्रकारों को बताया कि राजस्थान स्तर का यह कार्यक्रम 13 अक्टूबर को दोपहर बाद 3 बजे शुरू होगा जो देर रात तक चलेगा। इसमें प्रमुख वक्ता के तौर पर वर्ल्ड इस्लामिक मिशन, लंदन, ब्रिटेन से आ रहे क़मरुज़्ज़माँ आज़मी का संभाषण होगा। उनके पुत्र एवं ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में सोलिसीटर मोइनुज्ज़मा आज़मी भी लोगों को संबोधित करेंगे। सुन्नी दावते इस्लामी के संस्थापक मुहम्मद शाकिर अली नूरी, भारत के सबसे बड़े सुन्नी मदरसे जामिया अशरफिया के प्रधान मुफ़्ती निज़ामुद्दीन मिस्बाही, मालेगांव में एसडीआई के प्रमुख सैयद अमीनुल क़ादरी, अन्तरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त नातख़्वाह क़ारी रिज़वान ख़ान, एसडीआई के राजस्थान प्रभारी मौलाना फैय्याज़ अहमद रिज़वी, संगठन के प्रचारक मुहम्मद ख़ालिद रिज़वी एवं मुहम्मद सादिक़ रिज़वी समेत कई हस्तियाँ लोगों को संबोधित करेंगे।

सैयद मुहम्मद क़ादरी ने बताया कि महिलाओं के लिए बैठक का विशेष इंतज़ाम किया गया है। इस सम्मेलन में समाज में सुधार, नशामुक्ति, शिक्षा के प्रसार, महिलाओं एवं बच्चों की समाज में स्थिति और देश, प्रदेश एवं सामाजिक विकास के लिए विशेष संबोधन होंगे। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए अजमेर में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह समेत जयपुर की सभी प्रमुख दरगाहों पर दुआ के विशेष आयोजन किए जा चुके हैं। इस बार इज्तिमे में लोगों की जिज्ञासा के लिए उनके प्रश्नों को भी स्थान दिया जाएगा। आपको बता दें कि सुन्नी दावते इस्लामी भारत में सूफी मुसलमानों का सबसे बड़ा संगठन है जिसमें लाखों कार्यकर्ता सामाजिक उत्थान के लिए रात-दिन कार्य करते हैं। नैतिक शिक्षा और इस्लाम के सच्चे संदेश के प्रति समर्पित इस संगठन का प्रधान कार्यालय मुम्बई में है।

Azaan by Non muslim

पूर गांव में एक भी मुस्लिम नहीं फिर भी होती है मस्जिद में आजान

बिहारशरीफ: देश में जहां कई मौकों पर हिंदू-मुस्लिम के बीच सांप्रदायिक तनाव की स्थिति देखने और सुनने को मिलती है, वहीं बिहार के नालंदा जिले का एक गांव हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है. यह जानकर किसी को भी आश्चर्य होगा कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं है, परंतु यहां स्थित एक मस्जिद में नियमानुसार पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और अजान होती है. यह सब कुछ हिंदू समुदाय के लोग करते हैं.

Masjid azan
Masjid azan

नालंदा जिले के बेन प्रखंड के माड़ी गांव में सिर्फ हिन्दू समुदाय के लोग रहते हैं. लेकिन यहां एक मस्जिद भी है. और यह मस्जिद मुसलमानों की अनुपस्थिति में उपेक्षित नहीं है, बल्कि हिंदू समुदाय इसकी बाकायदा देख-रेख करता है, यहां पांचों वक्त नमाज अदा करने की व्यवस्था करता है. मस्जिद का रख-रखाव, रंगाई-पुताई का जिम्मा भी हिंदुओं ने उठा रखी है.

Masjid azan audio
Masjid azan audio

गांव वासी बताते हैं कि वर्षों पूर्व यहां मुस्लिम परिवार रहते थे, परंतु धीरे-धीरे उनका पलायन हो गया और इस गांव में उनकी मस्जिद भर रह गई है.

5 times azaan
5 times azaan

गांव के हंस कुमार कहते हैं, “हम हिंदुओं को अजान तो आती नहीं है, परंतु पेन ड्राईव की मदद से अजान की रस्म अदा की जाती है.” गांव वालों का कहना है कि यह मस्जिद उनकी आस्था से जुड़ी हुई है

Islam Birth place
Islam Birth place

मस्जिद की साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभाल रहे गौतम कहते हैं कि किसी शुभ कार्य से पहले हिंदू परिवार के लोग इस मस्जिद में आकर दर्शन करते हैं.
इस मस्जिद का निर्माण कब और किसने कराया, इसे लेकर कोई स्पष्ट प्रमाण तो नहीं है, परंतु स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने जो उन्हें बताया है, उसके मुताबिक यह करीब 200-250 साल पुरानी है. मस्जिद के सामने एक मजार भी है, जिस पर लोग चादरपोशी करते हैं.

Mosque Azaan
Mosque Azaan

गांव के जानकी पंडित आईएएनएस से कहते हैं, “मस्जिद में नियम के मुताबिक सुबह और शाम सफाई की जाती है, जिसका दायित्च यहीं के लोग निभाते हैं. गांव में कभी भी किसी परिवार के घर अशुभ होता है तब वह परिवार मजार की ओर ही दुआ मांगने पहुंचता है.”

CALL TO PRAYER MUSLIM
CALL TO PRAYER MUSLIM

बहरहाल, माड़ी गांव की इस मस्जिद से भले ही मुस्लिमों का नाता-रिश्ता टूट गया हो, परंतु हिंदुओं ने इस मस्जिद को बरकरार रखा है.

khabib win 28th times

यूएफसी 242: खबीब ने पोयरियर को हराकर रचा इतिहास, दर्ज की रिकॉर्ड 28वीं जीत

UFC 242 में UFC लाइटवेट चैंपियन खबीब नर्मागोमेडोव ने एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। अपने विरोधी डस्टिन पोयरियर को हराकर उन्होने 28वीं बार जीत दर्ज की है। एक साल पहले डब्लू डब्लू ई (WWE) की तरफ से ऑफर आने की बात कहकर सबको चौंका दिया था।

Khabib
Khabib

फाइट की शुरुआत से ही खबीब अपने विरोधी पोयरियर पर लगातार वार कर रहे थे। इसकी वजह से वह थोड़े धीमे पड़ गए थे। इस मौके का फायदा उठाकर खबीब ने उनपर ठीक उसी तरह से वार किया जैसा उन्होंने कॉनर मैक्ग्रेगर पर फाइट में किया था।

Khabib Love Islam
Khabib Love Islam

पहले राउंड में खबीबी ने पकड़ बनाई हुई थी, जबकि दूसरे राउंड में खबीब का एक पंच डस्टिन की आंख के नीच लगा और वो लहूलुहान हो गए। फिर क्या था तीसरे राउंड में खबीब ने दमदार शुरुआत की और डस्टिन एकाएक खुद को संभालने में लग गए लेकिन चैंपियन ने अपने विरोधी पर एक रियर नेकेड चोक सब्मिशन मूव अप्लाई कर दिया और डस्टिन ने टैप आउट कर दिया।

Muslim love khabib
Muslim love khabib

इस जीत के साथ खबीब ने 28वीं रिकॉर्ड जीत दर्ज की। खबीब ने अपनी जीत को शानदार तरीके से मनाया और वो ऑक्टागन से बाहर भी चले गए थे। मैच के खत्म होने के बाद खबीब को बधाइयों का तांता लग गया।

Chandrayaan-2 Success story

Chandrayaan-2: विक्रम लैंडर के बारे में ISRO को मिली जानकारी, ऑर्बिटर ने भेजी तस्वीरें

इसरो (ISRO) को चांद पर विक्रम लैंडर की स्थिति के बारे में जानकारी मिलीहै। इसरो प्रमुख के. सीवन ने रविवार को जानकारी दी कि ऑर्बिटर ने विक्रम लैंडर का पता लगा लिया है। ऑर्बिटर ने लैंडर की थर्मल इमेज भी खींची है, लेकिन ऑर्बिटर का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया।

Chandrayaan 2 Latest hd Pics
Chandrayaan 2 Latest hd Pics

अब इसरो वैज्ञानिक ऑर्बिटर के जरिए विक्रम लैंडर को संदेश भेजने की कोशिश कर रहे हैं ताकि, उसका कम्युनिकेशन सिस्टम ऑन किया जा सके। के. सीवन ने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ISRO अब ये पता लगाने की कोशिश करेगा कि  क्या विक्रम में किसी तरह की कोई तकनीकी खराबी हुई जिस वजह से उससे संपर्क टूटा या दूसरे कारणों की वजह से ऐसा हुआ।

Dhruv gupt chandrayaan 2
Dhruv gupt chandrayaan 2

उन्होने कहा, भविष्य में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे, इसका तो डेटा एनालिसिस के बाद ही पता चलेगा। इसरो वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर विक्रम अपने तय मार्ग से क्यों भटका। इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि विक्रम लैंडर के साइड में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम न किया हो। इसकी वजह से विक्रम लैंडर अपने तय मार्ग से डेविएट हो गया। यहीं से सारी समस्या शुरू हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की स्टडी कर रहे हैं।

Chandrayaan 2 Pics
Chandrayaan 2 Pics

बता दें, चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर संपर्क टूट गया था। हालांकि ऑर्बिटर अभी भी चांद के चक्कर लगा रहा है। इस पर जो कैमरा लगा है, वह काफी  हाई रिजोल्यूशन का है। ये कैमरा 0.3 मीटर यानी 1.08 फीट तक की ऊंचाई तक किसी भी चीज की साफ तस्वीर ले सकता है।

GHS Kulsumpura children Reading

रूम टू रीड ने एक साथ 10 लाख बच्चों तक पहुंचाई किताबें

दिल्ली। भारत में पढ़ाई को प्राथमिकता देने के लिए देश भर में विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर नौ राज्यों में 10 लाख से अधिक बच्चों ने एक साथ ‘रीड ए थॉन’ मुहिम में हिस्सा लिया। रूम ए रीड संगठन की पहल पर भारत में 8 सितम्बर विश्व साक्षरता दिवस पर यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक किया गया।

GPS Patel Para Gullu - Students enjoying Reading Campaign
GPS Patel Para Gullu – Students enjoying Reading Campaign

रूम ए रीड के राष्ट्रीय निदेशक सौरव बनर्जी ने बताया कि भारत में करीब तीस करोड़ लोग साक्षर हैं। दुनिया में निरक्षर लोगों की यह सबसे बड़ी संख्या है। इतना ही नहीं भारत में प्राथमिक पाठशाला में पढ़ रहे 13 करोड़ बच्चे भी ठीक से लिख पढ़ नहीं पाते। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसे ‘सीखने का संकट’ करार दिया गया है। रूम टू रीड यह कमी पूरी करने के लिए आगे आया है। संगठन ने एक ही दिन में दस लाख बच्चों को भारत के विभिन्न नौ राज्यों से जोड़कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। बनर्जी कहते हैं “अगर बच्चे शुरूआती कक्षा में ही पढना और लिखना नहीं सीखते हैं तो यह उनकी सीखने की क्षमता पर प्रभाव डालता है। पढ़ना, जानकारी को छांटना और समझकर फैसला लेने में पढ़ाई का बहुत महत्व है।”

Room to Read Pleadge photo
Room to Read Pleadge photo

अपनी मुहिम के बारे में बताते हुए बनर्जी ने कहा कि वह बच्चों को किताब पढ़कर सुनाने के लिए कह रहे है। अगर संभव हो तो इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर #PledgeReadingTime लिखकर पोस्ट करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि बाकी बच्चे और समाजसेवी भी इस प्रयास से प्रभावित होकर बच्चों को पढ़ने के लिए उनका हौसला बढ़ा सकें। अगर ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में शरीक होते हैं तो इसके प्रभाव में कई बच्चों को पढ़ने का मूल अधिकार भी मिल सकता है।

आपको बता दें कि रूम टू रीड अभियान की शुरूआत सन् 2003 से हुई थी। इस अभियान के तहत अब तक देश में नौ हज़ार पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं और 43 लाख लोग जुड़ चुके हैं। अभियान का लक्ष्य है कि साल 2024 तक इस अभियान में एक करोड़ तीस लाख बच्चों को जोड़ा जा सके। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रूम टू रीड का मुख्यालय है। इस अभियान में यह भावना थी कि अगर बच्चों को पढ़ने का बेहतर अवसर मिले तो वह दुनिया को बदल सकते हैं और अपना विकास कर सकते हैं।

PS Than Block Pati Barwani
PS Than Block Pati Barwani

अभियान से जुड़े संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि निम्न आयवर्ग के बच्चों के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए इस अभियान में स्थानीय संगठनों और सरकार की मदद से पढ़ने की क्षमता के विकास पर ध्यान दिया जाता है। अब तक 16 देशों के 30 सामाजिक वर्गों के 1 करोड़ 66 लाख बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। भारत में यह एक साथ 2003 में ही शुरू किया गया था। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अब तक नौ हज़ार पुस्तकालय स्थापित कर 43 लाख बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है।

president kovind flight

यूरोप यात्रा के लिए पाक का राष्ट्रपति कोविंद के लिए एयरस्पेस खोलने से इनकार

नई दिल्ली : पाकिस्तान ने भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्लेन को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की इजाजत देने से मना कर दिया है।

president kovind
president kovind

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को कहा कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान भारत को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दे सकता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को आइसलैंड, स्विटजरलैंड और स्लोवेनिया के दौरे पर जाने वाले हैं।

Pak refuses airspace to President Ram Nath Kovind
Pak refuses airspace to President Ram Nath Kovind

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक बयान में कहा, “भारत की सरकार ने पाकिस्तान से एयरस्पेस के इस्तेमाल की इजाजत मांगी थी, ये उनके राष्ट्रपति के विदेश दौरे से जुड़ा हुआ था, मौजूदा हालात को देखते हुए पाकिस्तान ने भारत को अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी है।”

President Ram Nath Kovind
President Ram Nath Kovind

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आइसलैंड, स्लोवेनिया और स्विट्ज़रलैंड के दौरे पर जाने वाले हैं. राष्ट्रपति कोविंद की यात्रा सोमवार से शुरू हो रही है। इस दौरान वह भारत की ‘राष्ट्रीय चिंताओं’ से इन देशों के शीर्ष नेतृत्व को अवगत करा सकते है।

Pakistan airspace
Pakistan airspace

कश्मीर में पुलवामा आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने 26 फरवरी को अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया था। हालांकि मार्च में उसने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोल दिया था लेकिन भारतीय उड़ानों के लिए इसे प्रतिबंधित रखा था।

chandrayaan 2 movie

चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट 2008 में मंजूर हुआ, 2013 में रूस ने हाथ खींचे और लैंडर-रोवर देने से इनकार कर दिया

नई दिल्ली, जेएनएन। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। चांद पर उतर रहे लैंडर विक्रम से भले ही संपर्क टूट गया, लेकिन सवा अरब भारतीयों की उम्मीदें नहीं टूटी हैं। इस अभियान के जरिये इसरो ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। एक समय जिस इसरो को विकसित देशों ने अपनी तकनीकें देने से मना कर दिया था, आज वही इसरो अपनी टेक्नोलॉजी का डंका बजा रहा है।

…जब इसरो के कंट्रोल रूम में पसर गया सन्नाटा
शुक्रवार रात डेढ़ बजे शुरू हुई विक्रम के सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। लैंडर विक्रम जब चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था, तो अचानक इसरो के कंट्रोल रूम में सन्नाटा पसर गया। वैज्ञानिकों के चेहरे लटक गए। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या। दरअसल स्क्रीन पर आ रहे आंकड़े अचानक थम गए थे। तभी इसरो चीफ सिवन वहां बैठे पीएम मोदी की तरफ बढ़े। उन्होंने पीएम को ब्रीफ किया और बाहर निकल गए। इससे अटकलें लगने लगीं कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही देर में इसरो ने कंट्रोल रूप से अपनी लाइव स्ट्रीमिंग भी बंद कर दी। इससे बेचैनी और बढ़ गई।

नई दिल्ली, जेएनएन। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। चांद पर उतर रहे लैंडर विक्रम से भले ही संपर्क टूट गया, लेकिन सवा अरब भारतीयों की उम्मीदें नहीं टूटी हैं। इस अभियान के जरिये इसरो ने जो उपलब्धि हासिल की है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। एक समय जिस इसरो को विकसित देशों ने अपनी तकनीकें देने से मना कर दिया था, आज वही इसरो अपनी टेक्नोलॉजी का डंका बजा रहा है।

…जब इसरो के कंट्रोल रूम में पसर गया सन्नाटा
शुक्रवार रात डेढ़ बजे शुरू हुई विक्रम के सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ रही थी। लैंडर विक्रम जब चांद की सतह से महज 2.1 किलोमीटर दूर रह गया था, तो अचानक इसरो के कंट्रोल रूम में सन्नाटा पसर गया। वैज्ञानिकों के चेहरे लटक गए। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या। दरअसल स्क्रीन पर आ रहे आंकड़े अचानक थम गए थे। तभी इसरो चीफ सिवन वहां बैठे पीएम मोदी की तरफ बढ़े। उन्होंने पीएम को ब्रीफ किया और बाहर निकल गए। इससे अटकलें लगने लगीं कि आखिर हुआ क्या है। कुछ ही देर में इसरो ने कंट्रोल रूप से अपनी लाइव स्ट्रीमिंग भी बंद कर दी। इससे बेचैनी और बढ़ गई।

भविष्य में विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर कितना काम करेंगे, इसका तो डेटा एनालिसिस के बाद ही पता चलेगा. इसरो वैज्ञानिक अभी यह पता कर रहे हैं कि चांद की सतह से 2.1 किमी ऊंचाई पर विक्रम अपने तय मार्ग से क्यों भटका. इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि विक्रम लैंडर के साइड में लगे छोटे-छोटे 4 स्टीयरिंग इंजनों में से किसी एक ने काम न किया हो. इसकी वजह से विक्रम लैंडर अपने तय मार्ग से डेविएट हो गया. यहीं से सारी समस्या शुरू हुई, इसलिए वैज्ञानिक इसी प्वांइट की स्टडी कर रहे हैं.

इसके अलावा चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहे ऑर्बिटर में लगे ऑप्टिकल हाई रिजोल्यूशन कैमरा (OHRC) से विक्रम लैंडर की तस्वीर ली जाएगी. यह कैमरा चांद की सतह पर 0.3 मीटर यानी 1.08 फीट तक की ऊंचाई वाली किसी भी चीज की स्पष्ट तस्वीर ले सकता है.

Manmohan singh 5 trillion economy tips

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने बताया 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का राज

जयपुर. भारत की गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा, “मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे राजनीतिक बदले की भावना को बगल रखे और अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने के लिए बेहतर सोच और समझदारी से भरी आवाज को सुनने की कोशिश करे।” उन्होंने कहा कि भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक बेहतर सोचवाली राष्ट्रीय रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।

Modi Yoga Economy
Modi Yoga Economy

जयपुर में एक निजी विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, ‘इस समय हमारी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती दिखती है। जीडीपी वृद्धि दर में गिरावट आ रही है। निवेश की दर स्थिर है। किसान संकट में हैं। बैंकिंग प्रणाली संकट का सामना कर रही है। बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। भारत को पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हमें एक अच्छी तरह से सोची समझी रणनीति की जरूरत है।’

Modi need help from Manmohan singh
Modi need help from Manmohan singh

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को ‘टैक्स आतंकवाद’ रोकना चाहिए, भिन्न विचारों की आवाजों का सम्मान करना चाहिए और सरकार के हर स्तर पर संतुलन लाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उदारीकरण की नीतियों पर खड़े किए गए आर्थिक सुधारों को जारी रखना समय की मांग है।’ देश में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की वकालत करते हुए राजस्थान से राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में सिद्धांतवादी, ज्ञानी और दूरदर्शी नेताओं की जरूरत है।

Modi copy Manmohan scem
Modi copy Manmohan scem

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति संविधान में निहित है और राजनीतिक दलों को संविधान में उल्लेखित मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जतानी होगी। उन्होंने कहा कि हमारी एकता बनी रहे इसके लिए जरूरी है कि सरकार न्याय, स्वतंत्रता एवं समानता के साथ..साथ ऐसा वातावरण दे जो भिन्न विचारों का सम्मान करता हो।

Modi failure economy
Modi failure economy

डॉ. सिंह कहा कि हमें संसद और इसकी प्रक्रियाओं की सर्वोच्चता का सम्मान करना होगा. जेके लक्ष्मीपत विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम में सिंह ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन आयोग, कैग, सीबीआई, सतर्कता आयोग, सूचना आयोग जैसे संस्थानों से अपेक्षा रहती है कि वे संविधान के ढांचे के भीतर स्वतंत्र रूप से काम करेंगे।