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Alka Tyagi , IT Officer in Mumbai

अंबानी परिवार को इनकम टैक्स का नोटिस देने वाली ऑफिसर है मुसीबत में, दफ्तर में चोरी

मुम्बई। इस साल मई में मुकेश अम्बानी के परिवार क नोटिस देने वाली महिला अधिकारी बहुत परेशान चल रही है। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखी चिट्ठी में बयान की है। आपको बता दें कि इनकम टैक्स को लेकर मुम्बई की मुख्य आयकर आयुक्त (यूनिट 2) की अधिकारी अलका त्यागी ने यह शिकायत की है कि विभाग के प्रमुख उन पर बहुत दबाव बना रहे हैं और उनके ऑफिस से भी कुछ फाइलें चोरी हो गई हैं।

इस बारे में फेसबुक पर वरिष्ठ पत्रकार गिरीश मालवीय ने पूरे मामले को समझाते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर मामला का खुलासा किया है। पेश है गिरीश मालवीय की पूरी फेसबुक पोस्ट-

(फेसबुक पोस्ट का लिंक- https://www.facebook.com/girish.malviya.16/posts/2715875205110777)

मुकेश अम्बानी परिवार को मई 2019 में ब्लैक मनी एक्ट में इनकम टैक्स विभाग से नोटिस भेजा गया!…. यह खबर याद होगी आपको ! ……..कुछ दिन पहले यह खबर आयी थी तो सहसा किसी को विश्वास नही हुआ था, मोदीराज में अम्बानी परिवार को नोटिस भेजा गया है यह सुनकर मोदी समर्थक बल्लियों उछल पड़े, इस खबर को हाथों हाथ लिया गया और हम जैसे लोगो को खूब लानत मलामत भेजी गई ……….

कुछ दिन बाद खबर आई कि मुम्बई की मुख्य आयकर आयुक्त (यूनिट 2) पद पर कार्यरत अलका त्यागी जिनके पास यह केस था उनके दफ्तर में चोरी हो गयी है लेकिन इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नही कराई गई है यही अधिकारी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर- ICICI केस, ओर अंबानी परिवार से जुड़े ब्लैक मनी एक्ट संबंधी मामले समेत कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच कर रही थी ओर इस चोरी के बाद अब यह किस्सा खत्म ही समझ लिया जा रहा था

लेकिन पिक्चर अभी बाकि है मेरे दोस्त……..

दो दिन पहले यह खबर आई है कि जिस अधिकारी अलका त्यागी के पास यह केस था उनके ऊपर बहुत प्रेशर बनाया जा रहा था और इस आशय की चिठ्ठी उन्होंने 21 जून को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजी है उन्होंने इस शिकायत की CC उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग और कैबिनेट सेक्रेटरी को भी भेजी है।

अंग्रेजी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़, त्यागी की ओर से वित्त मंत्री को 9 पन्नों की शिकायत भेजी गई है और इसमें आरोप लगाया गया है कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी की ओर से उन पर बहुत ज़्यादा ‘दबाव’ बनाया जा रहा है, सीबीडीटी इनकम टैक्स के मामलों में निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था है।

अपनी चिट्ठी में अलका त्यागी ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन प्रमोद चंद्र मोदी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

त्यागी ने आरोप लगाया है कि 2019 के अप्रैल के अंतिम और मई के शुरुआती हफ़्ते में मोदी ने उन्हें बताया कि संवेदनशील आकलन के मामलों में की जा रही कार्रवाई को बंद किया जाना है और यह काम हर हालत में मई 2019 से पहले ही होना है !………..प्रमोद चंद्र मोदी का यह निर्देश बेहद चौंकाने वाला था। मोदी ने निर्देश दिये थे कि जिस मामले को बंद करने को कहा है उसमे क़तई इस बात का ज़िक्र नहीं होना चाहिए कि वह (मोदी) कहीं से भी इसमें शामिल हैं। त्यागी ने कहा है कि सीबीडीटी चेयरमैन ने उन पर इस मामले को बंद करने के लिए बहुत ज़्यादा दबाव बनाया और कहा कि किसी भी क़ीमत पर इस मामले को बंद किया जाए।

इसी अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने इस महीने की शुरुआत में ही ख़बर दी थी कि अलका त्यागी ने उनके दफ़्तर में संदिग्ध कार्रवाई के बारे में प्रिंसिपल चीफ़ कमिश्नर एस. के. गुप्ता को लिखित शिकायत भेजी थी। त्यागी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि एक पुराने मामले को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है और इस मामले को ख़ुद सीबीडीटी चेयरमैन प्रमोद मोदी ने ही निरस्त कर दिया था और उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।

अलका त्यागी ने आरोप लगाया है कि बाद में मोदी ने इस मामले को फिर से खोल दिया और अब ब्लैकमेलिंग के हथियार के तौर पर उनके ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा रहा है।

त्यागी ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इन बातों का ख़ुलासा करना पड़ेगा लेकिन उन्हें सीबीडीटी चेयरमैन के जोड़ तोड़ और बेईमानी भरे व्यहार की वजह से ऐसा करना पड़ा। उन्होंने प्रमोद चंद्र मोदी पर यह भी आरोप लगाया है कि जो अफ़सर उनकी बात को नहीं मानते थे वह उनके ख़िलाफ़ झूठी शिकायतें बना देते थे।

त्यागी ने कहा है कि एक बार मोदी ने उन्हें रात को 8.45/9 के बीच नॉर्थ ब्लॉक में अपने दफ़्तर में मीटिंग के लिए बुलाया लेकिन उन्होंने इतनी रात को जाने से मना कर दिया। उन्होंने पत्र में लिखा है कि यह मीटिंग किसी और वक्त भी हो सकती थी।

यह पत्र अलका त्यागी ने 21 जून को भेजा था अब यदि आप सोच रहे है कि इस पत्र को मिलते ही ईमानदारी के अवतार कहे जाने वाले मोदीं जी ने तुरंत जाँच के आदेश दे दिए होंगे तो आपको बता दूं कि ऐसा बिल्कुल भी नही है बल्कि यह शिकायत के मिलने के दो महीने के अंदर ही मोदी सरकार ने प्रमोद चन्द्र मोदी का सीबीडीटी चेयरमैन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है और अलका त्यागी को लूप लाइन में भेज दिया है उन्हें मुंबई से हटाकर नागपुर स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी का प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल (ट्रेनिंग) बना दिया गया।

एक बात और……. अलका त्यागी ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि प्रमोद चन्द्र मोदी ने उनके सामने कबूला है कि विपक्षी पार्टी के एक नेता के खिलाफ उनकी अगुवाई में चलाए गए एक कामयाब छापे की वजह से उनका सीबीडीटी चेयरमैन का उनका पद सुनिश्चित हुआ……..