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GHS Kulsumpura children Reading

रूम टू रीड ने एक साथ 10 लाख बच्चों तक पहुंचाई किताबें

दिल्ली। भारत में पढ़ाई को प्राथमिकता देने के लिए देश भर में विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर नौ राज्यों में 10 लाख से अधिक बच्चों ने एक साथ ‘रीड ए थॉन’ मुहिम में हिस्सा लिया। रूम ए रीड संगठन की पहल पर भारत में 8 सितम्बर विश्व साक्षरता दिवस पर यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक किया गया।

GPS Patel Para Gullu - Students enjoying Reading Campaign
GPS Patel Para Gullu – Students enjoying Reading Campaign

रूम ए रीड के राष्ट्रीय निदेशक सौरव बनर्जी ने बताया कि भारत में करीब तीस करोड़ लोग साक्षर हैं। दुनिया में निरक्षर लोगों की यह सबसे बड़ी संख्या है। इतना ही नहीं भारत में प्राथमिक पाठशाला में पढ़ रहे 13 करोड़ बच्चे भी ठीक से लिख पढ़ नहीं पाते। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसे ‘सीखने का संकट’ करार दिया गया है। रूम टू रीड यह कमी पूरी करने के लिए आगे आया है। संगठन ने एक ही दिन में दस लाख बच्चों को भारत के विभिन्न नौ राज्यों से जोड़कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। बनर्जी कहते हैं “अगर बच्चे शुरूआती कक्षा में ही पढना और लिखना नहीं सीखते हैं तो यह उनकी सीखने की क्षमता पर प्रभाव डालता है। पढ़ना, जानकारी को छांटना और समझकर फैसला लेने में पढ़ाई का बहुत महत्व है।”

Room to Read Pleadge photo
Room to Read Pleadge photo

अपनी मुहिम के बारे में बताते हुए बनर्जी ने कहा कि वह बच्चों को किताब पढ़कर सुनाने के लिए कह रहे है। अगर संभव हो तो इसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर #PledgeReadingTime लिखकर पोस्ट करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि बाकी बच्चे और समाजसेवी भी इस प्रयास से प्रभावित होकर बच्चों को पढ़ने के लिए उनका हौसला बढ़ा सकें। अगर ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में शरीक होते हैं तो इसके प्रभाव में कई बच्चों को पढ़ने का मूल अधिकार भी मिल सकता है।

आपको बता दें कि रूम टू रीड अभियान की शुरूआत सन् 2003 से हुई थी। इस अभियान के तहत अब तक देश में नौ हज़ार पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं और 43 लाख लोग जुड़ चुके हैं। अभियान का लक्ष्य है कि साल 2024 तक इस अभियान में एक करोड़ तीस लाख बच्चों को जोड़ा जा सके। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रूम टू रीड का मुख्यालय है। इस अभियान में यह भावना थी कि अगर बच्चों को पढ़ने का बेहतर अवसर मिले तो वह दुनिया को बदल सकते हैं और अपना विकास कर सकते हैं।

PS Than Block Pati Barwani
PS Than Block Pati Barwani

अभियान से जुड़े संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि निम्न आयवर्ग के बच्चों के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए इस अभियान में स्थानीय संगठनों और सरकार की मदद से पढ़ने की क्षमता के विकास पर ध्यान दिया जाता है। अब तक 16 देशों के 30 सामाजिक वर्गों के 1 करोड़ 66 लाख बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है। भारत में यह एक साथ 2003 में ही शुरू किया गया था। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अब तक नौ हज़ार पुस्तकालय स्थापित कर 43 लाख बच्चों को लाभान्वित किया जा चुका है।